मुंडन मुहूर्त 2026: शुभ तारीखें और चूड़ाकरण का समय
मुंडन मुहूर्त 2026 की सभी प्रमुख तारीखें और नई दिल्ली का समय देखें। जानें चूड़ाकरण संस्कार का महत्व, मुहूर्त कैसे चुना जाता है, पूजा विधि और जरूरी सावधानियां।

मुंडन मुहूर्त 2026
मुंडन संस्कार को पारंपरिक रूप से चूड़ाकरण, चौल कर्म अथवा चौलकर्म भी कहा जाता है। इस संस्कार में बच्चे के बाल पहली बार काटे या मुंडाए जाते हैं।
मुंडन पारंपरिक हिंदू संस्कारों में से एक है, लेकिन हर परिवार इसे एक ही तरह से नहीं करता। बच्चे की आयु, समारोह का स्थान, पूजा की विधि और पूरा सिर मुंडाना है या नहीं, यह पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा पर निर्भर करता है।
सिर्फ शुभ तारीख देखकर मुंडन का समय तय करना पर्याप्त नहीं होता। व्यक्तिगत मुहूर्त में सामान्यतः देखा जा सकता है:
- बच्चे का जन्म नक्षत्र,
- चंद्र राशि और चंद्रबल,
- ताराबल,
- तिथि और नक्षत्र,
- वार,
- शुभ लग्न,
- राहुकाल तथा अन्य निषिद्ध समय,
- समारोह स्थल का सूर्योदय,
- पारिवारिक परंपरा।
वार्षिक सूची से पहले कुछ उपयुक्त दिन चुनें, फिर बच्चे की जन्म जानकारी और समारोह के स्थान के अनुसार अंतिम समय तय करें।
मुंडन मुहूर्त 2026 की सूची
नीचे दिए गए समय नई दिल्ली के लिए हैं। आधी रात के बाद समाप्त होने वाले समय को अगले दिन के सामान्य समय में लिखा गया है।
| तारीख | दिन | नई दिल्ली का मूल समय |
|---|---|---|
| 21 जनवरी 2026 | बुधवार | सुबह 7:14 से 22 जनवरी रात 2:49 तक |
| 29 जनवरी 2026 | गुरुवार | सुबह 7:32 से दोपहर 1:57 तक |
| 11 फरवरी 2026 | बुधवार | सुबह 10:53 से 12 फरवरी सुबह 7:03 तक |
| 12 फरवरी 2026 | गुरुवार | सुबह 7:02 से दोपहर 1:43 तक |
| 18 फरवरी 2026 | बुधवार | शाम 5:00 से रात 9:16 तक |
| 26 फरवरी 2026 | गुरुवार | सुबह 6:49 से दोपहर 12:12 तक |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | सुबह 10:49 से रात 10:35 तक |
| 6 मार्च 2026 | शुक्रवार | सुबह 9:30 से शाम 5:56 तक |
| 16 मार्च 2026 | सोमवार | सुबह 9:43 से 17 मार्च सुबह 6:30 तक |
| 25 मार्च 2026 | बुधवार | सुबह 6:20 से दोपहर 1:52 तक |
| 27 मार्च 2026 | शुक्रवार | सुबह 10:09 से 28 मार्च सुबह 6:17 तक |
| 3 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | सुबह 8:45 से 4 अप्रैल सुबह 6:09 तक |
| 13 अप्रैल 2026 | सोमवार | सुबह 5:58 से 14 अप्रैल रात 1:11 तक |
| 23 अप्रैल 2026 | गुरुवार | सुबह 5:48 से रात 8:52 तक |
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | सुबह 5:40 से रात 10:55 तक |
| 4 मई 2026 | सोमवार | सुबह 9:58 से 5 मई सुबह 5:27 तक |
| 11 मई 2026 | सोमवार | दोपहर 3:27 से 12 मई रात 1:29 तक |
| 17 जून 2026 | बुधवार | सुबह 5:22 से रात 9:41 तक |
| 24 जून 2026 | बुधवार | सुबह 5:24 से 25 जून सुबह 5:24 तक |
| 25 जून 2026 | गुरुवार | सुबह 5:24 से शाम 4:30 तक |
| 2 जुलाई 2026 | गुरुवार | सुबह 9:28 से 3 जुलाई सुबह 5:26 तक |
| 3 जुलाई 2026 | शुक्रवार | सुबह 5:27 से 11:23 तक |
| 9 जुलाई 2026 | गुरुवार | सुबह 10:40 से दोपहर 2:56 तक |
| 15 जुलाई 2026 | बुधवार | सुबह 11:53 से रात 9:47 तक |
| 20 जुलाई 2026 | सोमवार | शाम 7:10 से 21 जुलाई सुबह 4:04 तक |
ये बड़े पंचांग अंतराल हैं, सीधे उपयोग किए जाने वाले पूजा समय नहीं। मुंडन का आरंभ समय तय करने से पहले समारोह के शहर के अनुसार राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और अनुपयुक्त लग्न हटाएं।
महीने के अनुसार मुंडन की शुभ तारीखें
जनवरी
21 और 29 जनवरी
फरवरी
11, 12, 18, 26 और 27 फरवरी
मार्च
6, 16, 25 और 27 मार्च
अप्रैल
3, 13 और 23 अप्रैल
मई
1, 4 और 11 मई
जून
17, 24 और 25 जून
जुलाई
2, 3, 9, 15 और 20 जुलाई
इस लेख में उपयोग की गई पारंपरिक नई दिल्ली सूची 20 जुलाई के बाद सामान्य मुंडन मुहूर्त नहीं देती। इसका एक कारण चयनित उत्तरायण महीनों और चातुर्मास संबंधी नियमों का पालन है। कुछ व्यापक ऑनलाइन कैलकुलेटर अलग नियम अपनाकर वर्ष के बाद के महीनों की तारीखें भी दिखा सकते हैं।
मुंडन संस्कार के लिए शुभ तिथियां
मुंडन के लिए सामान्यतः इन तिथियों का विचार किया जाता है:
- द्वितीया,
- तृतीया,
- पंचमी,
- सप्तमी,
- दशमी,
- एकादशी,
- त्रयोदशी।
सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार भी कई मुहूर्त परंपराओं में स्वीकार किए जाते हैं। लेकिन केवल तिथि अथवा वार से पूरा दिन शुभ नहीं बनता। नक्षत्र, चंद्रमा, लग्न और निषिद्ध समय भी देखना जरूरी है।
मुंडन के लिए शुभ नक्षत्र
सामान्यतः इन नक्षत्रों का विचार किया जाता है:
- अश्विनी,
- मृगशिरा,
- पुनर्वसु,
- पुष्य,
- हस्त,
- चित्रा,
- स्वाती,
- ज्येष्ठा,
- श्रवण,
- धनिष्ठा,
- शतभिषा।
कुछ परंपराएं जन्म नक्षत्र में मुंडन से बचती हैं, जबकि कुछ इसे स्वीकार करती हैं। इसलिए बच्चे के जन्म विवरण के बिना किसी तारीख को सभी के लिए सर्वोत्तम घोषित नहीं करना चाहिए।
शहर बदलने पर मुंडन मुहूर्त क्यों बदलता है?
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और तिथि, नक्षत्र तथा लग्न बदलने के सटीक समय पर निर्भर करता है।
इसलिए नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोलकाता और बेंगलुरु में एक ही समय लागू नहीं किया जा सकता। राहुकाल और दिन के दूसरे काल भी सूर्योदय तथा सूर्यास्त के अनुसार बदलते हैं।
अपने शहर के लिए दैनिक पंचांग का उपयोग करें।
क्या बच्चे की कुंडली देखनी चाहिए?
व्यक्तिगत मुहूर्त तय करते समय बच्चे के:
- जन्म नक्षत्र,
- चंद्र राशि,
- ताराबल,
- चंद्रबल,
- ग्रह स्थिति,
- समारोह के समय का लग्न
का विचार किया जा सकता है।
पहले बच्चे की जन्म कुंडली बनाकर चयनित दिन को स्थान-आधारित पंचांग के साथ मिलाना अधिक उपयोगी होगा।
सरल मुंडन संस्कार विधि
पारिवारिक विधि को प्राथमिकता दें। सामान्य रूप से यह क्रम अपनाया जा सकता है:
- बच्चे को स्नान कराकर आरामदायक कपड़े पहनाएं।
- पूजा स्थान को साफ करें।
- गणेश पूजा या कुलदेवता का स्मरण करें।
- बच्चे के स्वास्थ्य, सद्बुद्धि और कल्याण का संकल्प लें।
- परंपरा के अनुसार परिवार का सदस्य पहले थोड़े बाल काट सकता है।
- प्रशिक्षित नाई से सावधानीपूर्वक शेष बाल हटवाएं।
- सिर को हल्के हाथ से साफ करें।
- प्रार्थना, दान या भोजन की पारिवारिक परंपरा पूरी करें।
बच्चे की सुविधा और सुरक्षा किसी भी रस्म से अधिक महत्वपूर्ण है।
मुंडन के समय जरूरी सावधानियां
- साफ और संक्रमण-मुक्त उपकरण का उपयोग करें।
- अनुभवी नाई या पेशेवर की सहायता लें।
- बच्चे को दर्दनाक ढंग से पकड़कर न रखें।
- बच्चे के अत्यधिक डरने या सिर पर चोट लगने पर प्रक्रिया रोकें।
- नए मुंडे सिर पर जलन पैदा करने वाली सामग्री न लगाएं।
- तेज धूप और अत्यधिक गर्मी से सिर को बचाएं।
- त्वचा की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
मुंडन धार्मिक और सांस्कृतिक संस्कार है। इसे बाल निश्चित रूप से मोटे करने, बुद्धि बढ़ाने या बीमारी रोकने की चिकित्सा गारंटी के रूप में प्रचारित नहीं करना चाहिए।
अलग-अलग वेबसाइटों की तारीखें अलग क्यों हैं?
अलग पंचांग अलग नियम लागू कर सकते हैं।
कोई गणना:
- केवल चुनिंदा उत्तरायण महीने स्वीकार करती है,
- पूरे चातुर्मास को छोड़ती है,
- केवल तिथि और नक्षत्र देखती है,
- शुभ लग्न भी जोड़ती है,
- राहुकाल और भद्रा हटाती है,
- जन्म नक्षत्र के आधार पर ताराबल और चंद्रबल जोड़ती है।
इसीलिए एक सूची जुलाई में समाप्त हो सकती है, जबकि दूसरी नवंबर या दिसंबर में तारीख दिखा सकती है। दोनों सूचियों को मिलाकर प्रकाशित करने के बजाय अपनी गणना-पद्धति स्पष्ट करें।
सीधी बात यह है: पहले समारोह के शहर के लिए तारीख चुनें, फिर बच्चे के जन्म नक्षत्र, ताराबल और चंद्रबल के अनुसार अंतिम मुहूर्त को व्यक्तिगत बनाएं।
शुभ समय देखने के लिए मुहूर्त टूल्स का उपयोग करें, तारीख को हिंदू कैलेंडर में मिलाएं, स्थानीय राहुकाल हटाएं और होरा चक्र से आरंभ समय को बेहतर बनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुंडन संस्कार क्या है?
मुंडन अथवा चूड़ाकरण बच्चे के पहली बार बाल काटने या सिर मुंडाने का पारंपरिक संस्कार है।
2026 में कितनी मुंडन तारीखें हैं?
इस लेख में उपयोग की गई पारंपरिक नई दिल्ली सूची में 21 जनवरी से 20 जुलाई तक 25 तारीखें हैं।
क्या ये समय पूरे भारत के लिए हैं?
नहीं। ये समय नई दिल्ली के हैं। शहर के अनुसार तिथि, सूर्योदय, लग्न और निषिद्ध काल बदल सकते हैं।
क्या बच्चे का जन्म नक्षत्र देखना जरूरी है?
व्यक्तिगत मुहूर्त में जन्म नक्षत्र, ताराबल और चंद्रबल का विचार किया जा सकता है।
क्या मुंडन के बाद बाल अधिक घने होते हैं?
मुंडन को बालों की मोटाई या वृद्धि की चिकित्सा गारंटी के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
क्या जुलाई के बाद मुंडन मुहूर्त है?
इस लेख की पारंपरिक सूची 20 जुलाई पर समाप्त होती है। दूसरी गणना-पद्धतियां बाद की तारीखें दिखा सकती हैं, इसलिए नियम और स्थान स्पष्ट करना जरूरी है।



